वीर संवत 2550, पौष सूद 9 से पौष वद 1, शुक्रवार, 19 जनवरी से शुक्रवार, 26 जनवरी, 2024
अध्यात्मतीर्थ है सुवर्णपुरी, जहां बरसे ज्ञान धनेरा...
वीर संवत 2550, पौष सूद 9 से पौष वद 1, शुक्रवार, 19 जनवरी से शुक्रवार, 26 जनवरी, 2024
अध्यात्मतीर्थ है सुवर्णपुरी, जहां बरसे ज्ञान धनेरा...
लगभग 20000 से अधिक मुमुक्षुओं को अध्यात्म रसपान के उपरान्त भौतिक सुविधा में कोई कमी न रहे, ऐसी विशिष्ट सावधानीसहित भाईयों, बहिनों और मुख्य अतिथियों के लिये शुद्ध भोजन और परमशुद्ध भोजन की (कुल पाँच भोजनालय की) उत्तम व्यवस्था की गयी थी। भोजनालय के लिये दो हॉल 25×75 मीटर तथा एक हॉल 15X75 मीटर के बनाये गये थे। प्रतिष्ठा में कार्यरत कर्मचारियों तथा गाड़ी और बस के ड्राईवरों के लिये 1500 लोगों की अलग भोजनशाला भी रखी गयी थी। प्रतिष्ठा प्रसंग के आठों दिनों में पाण्डाल में आनेवाले किसी भी मुमुक्षु भाई-बहिनों के लिये सूर्योदय से सूर्यास्त तक चाय-पानी, नाश्ता, फ्रूट तथा जूस का एक स्टॉल निरन्तर चालू रखा गया था। जिससे किसी भी व्यक्ति को क्षुधा संबंधी विकल्प न हो और मण्डप में चलनेवाले समस्त कार्यक्रमों का लाभ ले सके। सम्पूर्ण गाँव में खुशहाली के निमित्त स्टील के डिब्बों में बूँदी के लड्डूओं की प्रभावना की गयी थी। स्वच्छ पीने के पानी के लिये जगह-जगह सुन्दर व्यवस्था रखी गयी थी।