वीर संवत 2550, पौष सूद 9 से पौष वद 1, शुक्रवार, 19 जनवरी से शुक्रवार, 26 जनवरी, 2024
अध्यात्मतीर्थ है सुवर्णपुरी, जहां बरसे ज्ञान धनेरा...
वीर संवत 2550, पौष सूद 9 से पौष वद 1, शुक्रवार, 19 जनवरी से शुक्रवार, 26 जनवरी, 2024
अध्यात्मतीर्थ है सुवर्णपुरी, जहां बरसे ज्ञान धनेरा...
इस महोत्सव में श्री कुन्दकुन्द-कहान पारमार्थिक ट्रस्ट, मुम्बई और आचार्य कुन्दकुन्द जैन संस्कृति सेन्टर, पोन्नुर द्वारा संचालित जिनवाणी संवर्धन केन्द्र, पोन्नुर की कार्य प्रणाली को प्रदर्शित करने का अवसर प्राप्त हुआ। महोत्सव के प्रथम दिन, दिनांक 19-01-2024 के प्रभात में धर्मध्वजारोहण के पश्चात् प्रतिष्ठाचार्य, मंच संचालक, स्वाध्यायमन्दिर ट्रस्ट तथा अन्य मुमुक्षु संस्थाओं के ट्रस्टीगण इत्यादि महानुभावों के करकमलों से ‘जिनवाणी संवर्धन केन्द्र, पोन्नुर प्रदर्शनी’ का भव्य उद्घाटन हुआ। इस कार्यक्रम में जिनवाणी संवर्धन केन्द्र की टीम तथा अनेक मुमुक्षु साधर्मियों ने वहाँ उपस्थित रहकर जिनवाणी माता के प्रति भक्तिभाव प्रगट किया।
केन्द्र के प्रदर्शन में उद्देश्य (प्राचीन धरोहर की सम्हाल और प्रभावना), प्राचीन जिनवाणी के दर्शन तथा विगत पाँच वर्ष में केन्द्र द्वारा जो गतिविधियाँ हुई हैं, उनका विवरण भी प्रस्तुत किया गया था। इस टीम द्वारा प्राचीन ताड़पत्र तथा हस्तप्रत शास्त्र के दर्शन हजारों साधर्मियों को कराये गये और जिनवाणी संवर्धन के (ग्रन्थ प्राप्ति, जीवावलोकन, डिजिटलाईजेशन, शोधकार्य और संवर्धन कार्य आदि) समस्त सोपानों का परिचय प्रदान किया गया। ताड़पत्र और हस्तप्रत जिनवाणी के दर्शनमात्र से भक्तिभावभरे मुमुक्षु देव-शास्त्र-गुरु के प्रति महिमा से नतमस्तक हो जाते थे।
अनेक साधर्मियों तथा विशिष्ट अतिथियों ने अपने अनुभव को नोंधपोथी में लिपिबद्ध किया और बारम्बार केन्द्र में जिनवाणी के दर्शन करने की भावना व्यक्त की। महोत्सव के सात दिन यह जिनवाणी संवर्धन केन्द्र पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव का जिनधर्म का श्रद्धा का केन्द्र बना रहा।