वीर संवत 2550, पौष सूद 9 से पौष वद 1, शुक्रवार, 19 जनवरी से शुक्रवार, 26 जनवरी, 2024
अध्यात्मतीर्थ है सुवर्णपुरी, जहां बरसे ज्ञान धनेरा...
वीर संवत 2550, पौष सूद 9 से पौष वद 1, शुक्रवार, 19 जनवरी से शुक्रवार, 26 जनवरी, 2024
अध्यात्मतीर्थ है सुवर्णपुरी, जहां बरसे ज्ञान धनेरा...
इस महा-आयोजन में श्री कुन्दकुन्द-कहान पारमार्थिक ट्रस्ट, मुम्बई और गुरु कहान कला संग्रहालय, सोनगढ़ द्वारा भरत चक्रवर्ती के जीवन पर आधारित ‘भरतेश वैभव’ के विषय को लेकर वीतराग कला प्रदर्शनी (LIFE Art Exhibition 2024) का अतिभव्य आयोजन किया गया। दिनांक 20 जनवरी, 2024 के दिन श्री नेमिषभाई शाह परिवार और स्वाध्यायमन्दिर ट्रस्ट के ट्रस्टियों इत्यादि अनेक गणमान्य महानुभावों के करकमल से इस प्रदर्शनी का उद्घाटन किया गया।
कला प्रदर्शनी द्वारा अनेक अन्य विषयों को भी प्रदर्शित किया गया, जैसे कि श्री समयसारजी में से दृष्टान्तपूर्वक सिद्धान्त, भक्तामर स्तोत्र में से तीर्थंकर स्तवन, भावना बत्तीसी में से जीवन-सत्य पर आधारित वास्तविक चित्रण और पूज्य गुरुदेवश्री तथा पूज्य बहिनश्री द्वारा प्ररूपित तत्त्वज्ञान। कला प्रदर्शनी की टीम द्वारा प्रतिदिन हजारों की संख्या में साधर्मियों को घण्टों तक कलाकृतियों के सन्दर्भ में समझाया गया। जिसे समझकर और उसके मर्म का परिचय का वाँचन करके और सुनकर कलाप्रेमी मन्त्रमुग्ध हुए और सबको स्वाध्याय के लिये प्रेरित किया गया। अपने युवा वर्ग को इन कलाकृतियों से धर्ममार्ग के पथ पर लाने के लिये विशेष प्रेरणा प्राप्त होती है। साथ ही अनेक साधर्मियों तथा विशिष्ट अतिथियों ने अपने अनुभव को नोंधपोथी में लिपिबद्ध किये और बारम्बार संग्रहालय निहारने की भावना अभिव्यक्त की। महोत्सव के सात दिन यह कला प्रदर्शनी वस्तुत: पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव का विशिष्ट आकर्षण का केन्द्र बनी रही।
गुरु कहान कला संग्रहालय, सोनगढ़ टीम