वीर संवत 2550, पौष सूद 9 से पौष वद 1, शुक्रवार, 19 जनवरी से शुक्रवार, 26 जनवरी, 2024
अध्यात्मतीर्थ है सुवर्णपुरी, जहां बरसे ज्ञान धनेरा...
वीर संवत 2550, पौष सूद 9 से पौष वद 1, शुक्रवार, 19 जनवरी से शुक्रवार, 26 जनवरी, 2024
अध्यात्मतीर्थ है सुवर्णपुरी, जहां बरसे ज्ञान धनेरा...
सुवर्णपुरी पंचकल्याणक में प्रतिष्ठा के अवसर पर जंबूद्वीप, श्री बाहुबली मुनिंद्र भगवान, हमारे विधिनायक श्री आदिनाथ भगवान तथा वैराग्य प्रेरक तत्वपोषक विभिन्न नाटकों की प्रस्तुति की गई। इसके अतिरिक्त, संपूर्ण मुमुक्षु वर्ग को आकर्षित करने हेतु ये नाटक विभिन्न शैलियों में प्रस्तुत किए गए। कुछ नाटक वीररस को पोषित करने वाले थे (आदिपुराण, हूँ सोनगढ़), तो कुछ तात्त्विक रस से परिपूर्ण थे (सर्वगुणांश ते समकित)। कुछ नृत्य नाटिकाओं के रूप में थे (अकृतिम चैत्यालयस्य वंदनम), तो कुछ वैराग्य उत्पन्न कराने वाले थे (तत्क्षण योग्यता)। इस प्रकार, पंचकल्याणक में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से जीवों के वैराग्य को पुष्ट कर उन्हें मोक्षमार्ग में उन्नत किया गया। इन नाटकों का संक्षिप्त वर्णन आगे के दैनिक समाचार में समाहित किया गया है।