वीर संवत 2550, पौष सूद 9 से पौष वद 1, शुक्रवार, 19 जनवरी से शुक्रवार, 26 जनवरी, 2024
अध्यात्मतीर्थ है सुवर्णपुरी, जहां बरसे ज्ञान धनेरा...
वीर संवत 2550, पौष सूद 9 से पौष वद 1, शुक्रवार, 19 जनवरी से शुक्रवार, 26 जनवरी, 2024
अध्यात्मतीर्थ है सुवर्णपुरी, जहां बरसे ज्ञान धनेरा...
प्रतिष्ठा के अनुरूप पूर्व निर्धारित आमंत्रण पत्रिका तीन भाषाओं (गुजराती, हिंदी और अंग्रेज़ी) में तैयार की गई (विशेष जानकारी हेतु ‘आमंत्रण’ देखें)। पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव की पत्रिका लेखन विधि तथा प्रतिष्ठा वेदी खनन विधि की शुभ तिथि की घोषणा इस आमंत्रण के माध्यम से पूज्य बहनश्री की 110वीं जन्म जयंती के मंगल अवसर पर श्रावण वद 2, वि. सं. 2549, 01-09-2023 को की गई।
लगभग 40 से अधिक जिनालयों में सोनगढ़ के ट्रस्टियों एवं प्रतिनिधि मंडल ने व्यक्तिगत रूप से जाकर तथा विदेशों के 5 से अधिक जिनालयों में ट्रस्टियों द्वारा ऑनलाइन पूर्व आमंत्रण का पठन श्रद्धा और भक्ति भाव से किया गया एवं भावपूर्ण आमंत्रण दिया गया।
आसो वद तेरस, वि. सं. 2549 अर्थात वीर प्रभु के अंतिम दिव्यदेशना के दिन, 11-11-2023 के मंगल दिन सुवर्णपुरी के प्रांगण में श्री आदिनाथ दिगंबर जिनबिंब पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव की पत्रिका लेखन विधि का भव्य उत्सव मनाया गया। ट्रस्ट द्वारा इस पत्रिका को दो स्वरूपों में तैयार किया गया— पुस्तक स्वरूप और पत्रिका स्वरूप। यह पत्रिका भी तीन भाषाओं (गुजराती, हिंदी और अंग्रेज़ी) में तैयार की गई। पत्रिका की विशेषता स्वरूप पूज्य गुरुदेवश्री के हस्ताक्षरित प्रतिष्ठा महोत्सव की कुछ स्मृतियां एवं श्री आदिप्रभु के जीवन चरित्र को दर्शाते नवीन चित्र प्रस्तुत किए गए। पत्रिका में ज्ञानयोग भाव को स्मरण कराते हुए बाहुबली मुनिंद्र की अंतरंग दशा पर एक काव्य तथा पूज्य गुरुदेवश्री द्वारा हस्तलिखित आत्मभावना चिंतन भी संकलित किया गया (विशेष जानकारी हेतु ‘पत्रिका’ देखें)। इस उत्सव की विशेष जानकारी भी दिसंबर 2023 के आत्मधर्म अंक में विस्तृत रूप से संकलित की गई।
पत्रिका लेखन विधि के अवसर पर सुवर्णपुरी के अनुरूप दिगंबर जैन आम्नाय का अष्ट मंगल द्रव्य तोरण प्रकाशित किया गया।
यह पत्रिका गांव-गांव और घर-घर भेजी गई। संपूर्ण समाज के जिनमंदिरों, स्वाध्याय भवनों, संकुलों एवं धार्मिक कार्यक्रमों में पत्रिका का वाचन किया गया, जिससे मंगलमय प्रतिष्ठा महोत्सव का अद्भुत माहौल बन गया।