वीर संवत 2550, पौष सूद 9 से पौष वद 1, शुक्रवार, 19 जनवरी से शुक्रवार, 26 जनवरी, 2024

अध्यात्मतीर्थ है सुवर्णपुरी, जहां बरसे ज्ञान धनेरा...

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पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव सोनगढ़ 2024

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पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव सोनगढ़ 2024

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पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव सोनगढ़ 2024

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पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव सोनगढ़ 2024

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पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव सोनगढ़ 2024

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अविस्मरणीय प्रतिष्ठा

पंचकल्याणक प्रतिष्ठा उत्सव जैनियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण आयोजनों में से एक है। यह आयोजन हजारों अनुयायियों द्वारा 6 से 8 दिनों तक बड़ी श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। इस त्यौहार के दौरान पत्थर की मूर्तियाँ (जो शुरू में सिर्फ पत्थर या धातु की आकृतियाँ होती हैं) प्रतिष्ठा नामक एक पवित्र समारोह से गुजरती हैं। इस समारोह में, उन्हें जिनेंद्र देव में बदल दिया जाता है और एक सच्चे भगवान के रूप में माना जाता है। प्रक्षाल, पूजन, अर्चनादि दैनिक अनुष्ठान भक्ति एवं पवित्रता से पूर्ण किये जाते हैं।

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Audio
आओ आओ साधर्मी
बजती गजती रे प्रतिष्ठा आई
अध्यात्मतीर्थ है सुवर्णपुरी
मंगल उत्सव आयो रे
केवा सुंदर शांत
जय जय जय जिनवर
पंचकल्याणक महामहोत्सव आया मंगलकारी
जय जिनेश जय त्रिभुवन
आए आए हरखे
मंगल स्वप्न दर्शन
आया गर्भ कल्याण मंगलकार
जागो माता शुभ घड़ी आई
आनंद भयो - १६ स्वप्न फल
आनंद भयो - १६ स्वप्न फल (हिंदी)
सर्वार्थ सिद्धि से आएंगे महाराजा रे
आया गर्भ कल्याणक शुभ आज रे
मंगल शुभ बेला आई रे
माता तेरी परिणति
मंगल बधाई गाओ रे
हैय उमंग भयो - नगरी धन्य भई
हुआ तीर्थंकर अवतार आज, मैं धन्य हुई
गगन झुकता तेरे आगे - तांडव नृत्य
सौम्य छवि मनहारी
नाभिनंदन सुरपति वंदन
मुनि सकलव्रती बढ़भागी
रंग लग्यो आत्म तारो
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विशेषताएँ

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आदर्श पंचकल्याणक

इस प्रसंग को हम समग्र मुमुक्षु समाज के लिये एक आदर्श पंचकल्याणक के रूप में प्रस्तुत कर सके हैं, इसके अनेक कारण भी हैं। उसमें से अमुक यहाँ प्रस्तुत हैं।

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अद्भुत पंचकल्याणक

आदर्श पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव के साथ-साथ इस प्रसंग को निम्न कारणों से एक अद्भुत पंचकल्याणक के रूप में प्रस्तुत किया जा सकता है।.

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पूर्व आयोजन

रसप्रद तैयारीयाँ

महानुभावों के प्रतिभाव

पण्डित श्री निलेशभाई शाह

दिगम्बर समाज के सातिशय पुण्य के उदय के प्रताप से सुवर्णपुरी-सोनगढ़ में पूज्य गुरुदेवश्री के शासनकाल के प्रभावनायोग के निमित्त से हुई दूसरी बार की प्रतिष्ठा में जो लाभ प्राप्त हुआ है, वह अवर्णनीय है।... अधिक जाने

पण्डित श्री निलेशभाई शाह

मुम्बई, महाराष्ट्र

पण्डित श्री रजनीभाई दोशी

अपने मुमुक्षुओं की मातृभूमि-जन्मभूमि सोनगढ़ में आयोजित पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव की भव्यता शब्दों में वर्णन की जा सके, ऐसी नहीं है। विश्व के समस्त मुमुक्षुओं के केन्द्र ऐसी सुवर्णपुरी-सोनगढ़ का पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव की गरिमा,... अधिक जाने

पण्डित श्री रजनीभाई दोशी

हिम्मतनगर, गुजरात

श्री अमितभाई शाह

प्रतिष्ठा महोत्सव में उपस्थित जनता को सम्बोधन करते हुए श्री अमितभाई ने कहा कि ‘श्री कानजीस्वामी के ज्ञान और आचरण का लाभ अनेक लोगों ने लिया है। वे मात्र जैन नहीं परन्तु जैनेतर लोगों के... अधिक जाने

श्री अमितभाई शाह

केन्द्रीय गृहमंत्री

श्री भुपेन्द्रभाई पटेल

सुवर्णपुरी में पधारकर श्री भुपेन्द्रभाई ने उद्गार व्यक्त किये कि ‘क्षणिक सुख में फँसा हुआ मानव मोक्षमार्ग में अटक गया है’ … ‘अन्य कहीं नहीं परन्तु यहाँ आयें तो मोक्ष की बातें होती हैं। ’ऐतिहासिक... अधिक जाने

श्री भुपेन्द्रभाई पटेल

गुजरात के माननीय मुख्यमंत्री

श्री हितेनभाई सेठ, श्रीमती दीपाबेन सेठ (सौधर्म इंद्र – शची इंद्राणी)

माननीय केंद्रीय मंत्री श्री पीयूषभाई गोयल ने सभा को संबोधित करते हुए सर्वप्रथम णमोकार मंत्र का स्मरण किया। सोनगढ़ ट्रस्ट के अध्यक्ष, सचिव, समस्त ट्रस्टीगण और मुमुक्षुओं को अभिवादन करते हुए उन्होंने भावना व्यक्त की... अधिक जाने

श्री हितेनभाई सेठ, श्रीमती दीपाबेन सेठ (सौधर्म इंद्र – शची इंद्राणी)

माननीय केंद्रीय मंत्री

श्री प्रदीपभाई कामदार, श्रीमती मीनलबेन कामदार (माता-पिता)

अहो! धन्य हमारा भाग्य कि अध्यात्म नगरी सुवर्णपुरी की धरा पर आयोजित पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव के साक्षी हम श्री ऋषभदेव तीर्थंकर के माता-पिता के रूप में बने। हमारा मन तो यह अनुभव करके ही रोमांचित... अधिक जाने

श्री प्रदीपभाई कामदार, श्रीमती मीनलबेन कामदार (माता-पिता)

सोनगढ़, गुजरात

पं. सुभार्षभाई शेठ (प्रतिष्ठाचार्य)

पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव आत्मा से परमात्मा बनने का एक अनोखा और जीवंत अवसर है, जो तीर्थंकर भगवंतों के जीवन को हमारे समक्ष उज्ज्वल बना देता है। जैसे बाल तीर्थंकर गलबाहियों से ही शुद्धात्मा के अनुभव... अधिक जाने

पं. सुभार्षभाई शेठ (प्रतिष्ठाचार्य)

वांकानेर, गुजरात

ब्र. पं. हेमंतभाई गांधी (सह-प्रतिष्ठाचार्य)

श्री आदिनाथ दिगंबर जिनबिंब पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव (पंचकल्याणक प्रतिष्ठा) भव्य जीवों के कल्याण के लिए एक अनुपम, अद्वितीय और अप्रतिम महोत्सव है। यह महोत्सव मोक्ष प्राप्ति के लिए कारणभूत ज्ञान और वैराग्य प्रधान विधि का... अधिक जाने

ब्र. पं. हेमंतभाई गांधी (सह-प्रतिष्ठाचार्य)

सोनगढ़, गुजरात

श्री संजयभाई जेवर, (मुमुक्षु आश्रम, कोटा)

वीतराग देव-शास्त्र-गुरु; पूज्य गुरुदेवश्री तथा पूज्य बहिनश्री की निश्रा में सुवर्णपुरी का सम्पूर्ण वातावरण अध्यात्म से महक रहा है। ऐसे सुवर्णपुरी में 38 वर्ष पश्चात् प्रतिष्ठा में सेवा कार्य मेरे जीवन का महा सौभाग्य है।... अधिक जाने

श्री संजयभाई जेवर, (मुमुक्षु आश्रम, कोटा)

मुमुक्षु आश्रम, कोटा

पण्डित श्री नितिनभाई सेठ

पूज्य गुरुदेवश्री तथा पूज्य भगवतीमाता की पावन साधनाभूमि में आयोजित पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव जीवन का अविस्मरणीय सुखद अनुभव था। भगवान के पाँच कल्याणक को निज हृदय में स्थापित करने के लिये और जीवन की सफलता... अधिक जाने

पण्डित श्री नितिनभाई सेठ

वांकानेर, गुजरात

पण्डित शैलेषभाई शाह

स्वर्ण समान सुवर्णपुरी का पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव जैसे ग्रन्थाधिराज समयसार की १७-१८ गाथा में अनुभूतिस्वरूप भगवान आत्मा का आबाल-गोपाल सबको ज्ञात हो रहा है की बात आयी है, उसी प्रकार सोनगढ़ की सभी के हृदय... अधिक जाने

पण्डित शैलेषभाई शाह

अहमदाबाद, गुजरात

पंडित देवेन्द्रकुमार जैन,

मुक्ति का मंगल महोत्सव : पंचकल्याणक जिनेन्द्रदेव के पंचकल्याणक महोत्सव नर से नारायण, पशु से परमेश्वर, पामर से परमात्मा होने का लोकोत्तर मंगल महोत्सव होता है। सोनगढ़ में आयोजित इस कार्यक्रम की सर्वाधिक महत्वपूर्ण विशेषता... अधिक जाने

पंडित देवेन्द्रकुमार जैन,

बिजौलियां, राजस्थान

पण्डित श्री अतुलभाई कामदार

। नम: समयसाराय। परम कृपालु पूज्य गुरुदेवश्री और धन्यावतार पूज्य भगवती माता की साधनाभूमि में मंगलमय पंचकल्याणक महोत्सव अति भव्यातिभव्य आयोजित हुआ। जहाँ कण-कण में भगवान आत्मा का गुँजारण कर्णगोचर होता हो, जहाँ पैर रखते... अधिक जाने

पण्डित श्री अतुलभाई कामदार

हैदराबाद, तेलंगाना

पण्डित श्री राजेन्द्रकुमारजी जैन

सोनगढ़! पूज्य गुरुदेवश्री की साधनाभूमि! नाम सुनते ही अन्तर में हर्षोल्लास उछलने लगता है। सर्व प्रथम विराजित सीमन्धर भगवान की अति भाववाही वीतरागी मुद्रा—जिसे देखते ही अन्तर में देखनेयोग्य निज आत्मा प्रतिभासित होने लगता है।... अधिक जाने

पण्डित श्री राजेन्द्रकुमारजी जैन

जबलपुर, मध्यप्रदेश

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