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1 | पुज्य गुरुदेवश्री तथा पुज्य बहेनश्रीनुं मांगलिक |
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2 | टाइटल |
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3 | पुज्य गुरुदेवश्रीनी ९५मी जन्मजयंती प्रसंगे प्रसादी आपवा क्रुपा करशो |
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4 | पुज्य गुरुदेवश्रीए स्वनुभूतिनुं खुब ज माहात्म बताव्युं छे तो ते स्वानुभूति केम थाय? |
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5 | आवुं समजाय छ्तां काम न थाय तेमां तत्व-रूचिनी खामी के वैराग्यनी खामी? |
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6 | आत्मामां ज संतोष थाय तेवी प्रतीति जीवने केवी रीते थाय? |
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7 | जेम उपादान माटे निमित्त अकिचित्कर छे तेम सामान्य पण विशेष माटे अकिचित्कर छे? |
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8 | 'हुं ज्ञायक छुं' 'हुं ज्ञायक छुं'...एम नक्की करिए छीए, ज्ञायकमां प्रयाग करवा जइऐ छीऐ |
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9 | आगम व्यवहार अने अध्यात्म व्यवहारमां शुं तफावत छे? |
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10 | द्रव्य सामान्यने प्रसिद्ध करनार द्रव्य विशेष छे, |
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